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Friday, 28 November 2014

Exercises for Lesson - 10

1.  निम्नलिखित प्रश्नों  एक पद में एक  दीजिए :

उत्तर : 


(i )     बोपदेव:
(ii )    मंदमति :
(iii )   इतस्तत:
(iv )   जलेन
(v )    बालक:

2 . पूर्णवाक्य में उत्तर दीजिए:

(i )    अहम नूनं मूर्ख :, मम  भाग्ये विद्या नास्ति।
(ii )   विद्यालयात्।
(iii )  कूपम्
(iv )  महान पंडित : वरदराज:
(v )  लघुसिद्धान्त  कौमुदी नामकम्

इन में मैंने केवल उत्तर दिए हैं, कृपया  पाठ्यपुस्तक में देखकर पूरा उत्तर लिखें।

3 . निम्नलिखित को उदाहरण् के  अनुसार लिखो :

(i )     अकुर्वन्
(ii )    अपठत्
(iii )   अचिन्तयत् 
(iv )   अकरोत्  
(v )    अपश्यत्
(vi )   अपूरयत् 
(vii )  अभवत् 
(viii ) अरचयत् 

4.  सही विकल्प के सामने सही क चिह्न लगाइए :

(i )    बालक:
(ii )   कुपित:
(iii )  विद्या 
(iv )  तीव्रा
(v )   वरदराज:

5.   समानार्थक् पद मिलाइए :

छात्र :                                     विद्यार्थी 
मूर्ख:                                      मूढ:
कुपित:                                  क्रोधित:
नार्य:                                     स्त्रिय :
घट                                        कुम्भ:
प्रसिद्ध:                                  विख्यात:

6.   निम्न पदों  को संकृत वाक्यो ममे प्रयोग कीजिए :

(i )   तस्य नाम बोपदेव्: आसीत् .
(ii )  गुरु: तस्योपरि कुपित:अभवत् .
(iii ) नूनम् मूर्ख: अस्मि, मम भाग्ये विद्या नास्ति .
(iv ) एकदा तस्य गुरु: तं विद्यालयात् बहि: अकरोत् .
(v )  मार्गे गच्छन स: एकं कूपम् अपश्यत् .
(vi ) स: तीव्रमति: बालक: अस्ति .

सबकी सखी ,
लक्ष्मी आर श्रीनिवासन।  :-)))
 

Thursday, 27 November 2014

Lesson - 10 Explained!

अभ्यास: परम्: गुरु:

पुरा: एक: बालक: आसीत् .  तस्य नाम बोपदेव: आसीत् . स: मन्दमति: छात्र: आसीत्. स: यत् पठति  सं तत् विस्मरति स्म . सर्वे तस्य सहपाथिन: तस्य उफासं कुर्वन्ति स्म .

*** किसी पुराने समय में एक बालक था।  उसका नाम बोपदेव था।  वह काम बुद्धि वाला विद्यार्थी थ. वह जो भी पढता वह सब भूल जाता था।  उसके सारे सहपाठी उसका उपहास / मज़ाक उड़ाया करते थे। 

एकदा तस्य गुरु: तस्योपरि कुपित: अभवत् तं विद्यालयात् च बहि: अकरोत् . आत्मसम्मानेन् वञ्चित: भूत्वा स: अचिन्तयत् - "अहं नूनम् मूर्ख: अस्मि, मम भाग्ये विद्या नास्ति .

***  एक बार उसके गुरु ने बहुत क्रोधित होकर उसे विद्यालय से बाहर निकाल दिया . आत्म्सम्मान्  से वंचित होने पर (ठेस लगने पर) उसने सोचा , " मैं  अवश्य ही मूर्ख हूँ , मेरे भाग्य में विद्या नहीं है।  "

दुखित: सन्  बोपदेव इतस्तत: भ्रमणम् अकरोत् . एकदा मार्गे गच्छन्  बोपदेव: एकं कूपम् अपश्यत् . तत्र काश्चन नार्य: जलेन घटान  पूरयन्ति स्म .

*** दुखी होकर बोपदेव इधर - उधर घूमने लगा।  एक बार रास्ते में जाते हुए उसने एक कुँआ  देखा।  वहाँ  पर कुछ औरतें अपने घड़ों में पानी भर रहीं थीं। 

स: तत्र स्थित भूत्वा आश्चर्येण् अपश्यत् - यस्यां शिलायां स्त्रिय ; घटं स्थापयन्ति स्म: तत्र एक: गर्त: अभवत् . एतत् दृष्ट्वा बोपदेव; अचिन्तयत् - यदि घटेन  शिलाखण्डे  गर्त; भवति तर्हि पुन: पुन: अभ्यासेन मम बुद्धि अपि तीव्रा भविष्यति .

*** वहाँ  रूककर वह आश्चर्यपूर्वक देखने लगा।  जहाँ  पर औरतों ने घड़े रखे थे, वहा एक गड्ढा उभर आया था।  यह देखकर बोपदेव सोचने लगा , यदि घड़ों से पत्थर पर गड्ढा बन सकता है, तो मेरे बार - बार अभ्यास / प्रयत्न करने पर मेरी बुद्धि भी तीव्र हो सकती है। 

एवं चिन्तयित्वा बोपदेवा: पुन: विद्याप्राप्त्यै संकल्पम् अकरोत् . दत्तचित: भूत्वा स: परिश्रमेण अपठत . एवं कालान्तरे स; सहपाथिनाम् आचार्याणाम् च स्नेहं प्राप्तं .

***  ऐसा सोचकर बोपदेव ने फिर से पढ़ने का निश्चय किया. एकमन होकर उसने बहुत परिश्रम के साथ पढ़ाई की।  ऐसे ही कुछ समय बाद उसके सहपाठी और गुरु का प्यार उसे मिला। 

एष: (respectable form) संस्कृत व्याकरणस्य महान् पण्डित: वरदराज: इति अभिधानेन प्रसिद्दः अभवत् . स: लघुसिद्धान्त कौमुदिनामकं, संस्कृत - व्याकरणस्य पुस्तकं अरचयत् .

***  यह संस्कृत व्याकरण (grammar) के महान पंडित, वरदराज के नाम से जाने जाते हैं।  इन्होनें  लघुसिद्धान्त कौमुदी नामक संस्कृत व्याकरण का पुस्तक रचा (की रचना की).


सबकी दोस्त,

लक्ष्मी आर. श्रीनिवासन।  :-)))
 

Monday, 24 November 2014

Last minute ! :-)))

  1. He said, "I like this song."
    He said he liked that / the song.
     2."Where is your sister?" she asked me.
         She asked me where my sister was.    
  1. "I don't speak Italian," she said.
    She said that she didn't speak Italian.    
  2. "Say hello to Jim," they said.
    They asked me to say hello to Jim.   
  3. "The film began at seven o'clock," he said.
    He said that the film began at seven o' clock.    
  4. "Don't play on the grass, boys," she said.
    She told the boys not to play on grass.    
  5. "Where have you spent your money?" she asked him.
    She asked him where he had spent his money.    
  6. "I never make mistakes," he said.
    He said that he never makes / made mistakes.
  7. "Does she know Robert?" he wanted to know.
     He wanted to know whether she knew Robert.
  8. "Don't try this at home," the stuntman told the audience.
    The stuntman advised the audience not try the stunts at home.
Forever your friend,
Lakshmi R. Srinivasan :-)))

Thursday, 20 November 2014

Lesson - 11 Bhaarat Gaan

भारत - गान

मौखिक प्रश्न  - उत्तर
 
क.  ' सारे जगत को अपना परिवार मानता है'.
ख.  'धरती पर स्वर्ग की कल्पना है यदि कहीं पर'.
ग.  ' दे चंद्रयान नारा अपना महान भारत ' . '

उ.  क.  'वसुधैव कुटुम्बकम' यानी पूरा विश्व ही एक कुटुंब है , कुम्बा है, परिवार है. ऐसा भारतीय लोग तब कल्पित कर चुके थे जब ' ग्लोबल विलेज' या 'ग्लोबलाइज़ेशन ' जैसा शब्द किसी के ध्यान में न आए होंगे. विश्वग्राम और वैश्वीकरण के बारे में किसी ने सोचा तक ना था।

ख. ऐसा कहा और माना जाता है कि  स्वर्ग में सब सुख होते हैं।  हरियाली होती है, झीलें होती है, फूलों से लड़े बाग़ होते हैं।  देवता शिकारों में बैठ कर जल - विहार करते हैं. यह सब स्वर्ग के रूप में कश्मीर में है।  सो कह सकते हैं कि  धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर में है।

ग.  भारत का चंद्रयान नामक अंतरिक्षयान चन्द्रमा तक पहुँचने में सफल रहा है।  इससे दुनिया को अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में हमारी क्षमताओं का पता चल गया।  वह दिन दूर नहीं अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धानिक, वैज्ञानिक, अन्य ग्रहों तक अंतरिक्ष यान  भेजेंगे।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न उत्तर

१.  भारत को' धरती का स्वर्ग' क्यों कहा जाता है ?

उ.  भारत की भौगोलिक स्तिथि, सांस्कृतिक वैभव, ऋतू - परिवर्तन , रीती - रिवाज़ आदि की उत्कृष्टता, इसे अन्य देशों से अलग स्थापित करती है।  यहां अनेक नदिया धरती को उर्वर बनाए रखती हैं , तो पर्वत श्रृंखलाएँ  ऋतू - चक्र को प्रभावित करती हैं।  यहां की भौतिक और बौद्धिक सम्पदा से पाश्चात्य देश सदा आकर्षित होते रहे हैं।  यहां के प्राकृतिक दृश्य सहज ही सब का मन मोह लेते हैं।  इसी आधार पर भारत को धरती का स्वर्ग कहा गया है। 

२.  हमें किनका ऋणी होना चाहिए और क्यों ?

उ.  कविता के आधार पर कहा जा सकता है कि  जिस किसी ने भी भारत को समृद्ध करने के लिए अपना बलिदान दिया, हमें उन सबका ऋणी होना चाहिए. जैसे सैनिक, वैज्ञानिक, राजनितिक, विचारक, दार्शनिक आदि।

३.  'जल, जीव और जीवन-संभावना शशि पर' भावार्थ स्पष्ट कीजिए।

उ.  इससे कवि ने चंद्रयान के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों की ओर  संकेत किया है।  वे कहना चाहते हैं कि  वह दिन दूर नहीं जब हमारे वैज्ञानिक चन्द्रमा पर जा-जीव और जीवन खोजकर बस्तिया बनाने में सफल होंगे। 

४.  कल्पना और सुनीता कौओं हैं ?

उ.  कल्पना चावला करनाल की रहने वाली थीं।  वे 'नासा' की ओर  से एक बार अंतरिक्ष में हो आई थीं।  वे अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला बनीं।  उन्हें पुन : स्पेस में जाने के लिए चुना गया था।  दुर्भाग्यवश  दूसरी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्षयान के क्षतिग्रस्त हो जाने से उनकी मृत्यु हो गई।  इसी प्रकार सुनीता विलियम्स चाँद पर कदम रखने वाली दूसरी भारतीय्या महिला थीं। 

जीवनमूल्यपरक प्रश्न - उत्तर

१.  भारत के नागरिक होने के कारण आपके कुछ अधिकार भी हैं तो कर्त्तव्य और ज़िम्मेदारी भि. आप उन्हें कैसे पूरा करना चाहेंगे ?

उ.  किसी भी नागरिक को उसके देश का संविधान कुछ मौलिक अधिकार देता है तो उससे कुछ कर्तव्यों का पालन करने की आशा भी करता है।  भारत का नागरिक होने के नाते मुझे छ : मौलिक अधिकार प्राप्त हैं, जिनका मैं निर्भय होकर  उपयोग कर सकता हूँ।  इसी के साथ मेरे कुछ कर्त्तव्य भी हैं , जैसे , अपने राष्ट्रीय रतिकों का सम्मान करना , अपने संविधान की मर्यादा का पालन करना, अपने किसी भी कार्य से अपने राष्ट्र की छवि धूमिल होने का अवसर न देना , देश में आतंरिक अमन - शान्ति बनाए रखने में अपना योगदान देना, राष्ट्रीय संपत्ति को क्षति न पहुंचाना. सुसभ्य नागरिक की तरह आचरण करके और शांतिप्रिय सहरी की तरह  जीवनयापन करना चाहिए। 

बस ख़त्म।

सबकी दोस्त ,

लक्ष्मी आर श्रीनिवासन।  :-)))

Wednesday, 19 November 2014

Hi! :-)))

Dear H, S, K & Y

Some of you got an A+, some A and others did OK! Now, that's OK. I am a trier myself and like others like me too. Please don't go on a comparison mode. Have Hope! With regular practice, you'll do well!

करत - करत अभ्यास ते, जड़मति होत  सुजान।
रसरी आवत जात  तें , सिल  पर परत निसान।

Meaning:  With regular practice anyone can accomplish anything.

Remember Hare and Tortoise. Regular, small baby steps!
Now, here's a video, yes inspirational again!

https://www.youtube.com/watch?v=lJ3C9SP8xRE

Adults who are reading this, I saw me and my kids and other things I was ready on giving up!

Forever your friend,

Lakshmi R. Srinivasan. :-)))

Tuesday, 18 November 2014

Answers to Reported Speech! :-)))

1.  I said I liked him / her.
2.  She said it was too early.
3.  He said he had given.
4.  Tarun said he met me last month.
5.  Shilpi said that she can't go.
6.  He said he could err.
7.  He said that the Blue Whale is the largest mammal on earth.
8.  She said that she may lend me some.
9.  She said that she had been doing some research.
10. He insisted that Ankit needed some rest.
11. I informed that I hadn't completed my work.
12. He said that if he were younger he would accept it.
13. She informed that she was with him last week.
14. She ordered that the dirty dishes shouldn't be left on the table.
15. She said that she was calling the cops.
16. She said that she would buy it.
17. He said that they used to be friends.
18. The police said that the hadn't seen the vehicle coming from the opposite direction.

Those who got the answers right, give a pat on your back or treat yourself to something nice and those DARLINGS who didn't get it right, have a heart, with practice, you could outdo your failures.

Forever your friend,

Lakshmi R. Srinivasan. :-)))


 

Wednesday, 12 November 2014

Lesson - 9 Exercises!

महर्षि : दयानन्द :

1.    निम्नलिखित प्रश्नों के एक पद मे उत्तर दीजिए -

क.  महर्षे: दयानन्दस्य पितु: नाम: किं आसीत्?

उ. महर्षे: दयानन्दस्य पितु: नाम अम्बाशन्कर: आसीत् .

ख. महर्षे: दयानन्दस्य जन्म नाम किं आसीत् ?

उ.  महर्षे: दयानन्दस्य जन्म नाम मूलशङ्कर्: आसीत्.

ग. महर्षे: दयानन्दस्य गुरु: क: आसीत् ?

उ.  महर्षे: दयानन्दस्य गुरु: प्रग्याचक्षुस्वामी विरजानन्द: आसीत् .

 घ. स: बाल्यकालादेव कीदृश: स्वभाव: आसीत् ?

उ.  स: बाल्यकालादेव विरक्त: स्वभाव: आसीत् .

ङ  महर्षि  दयानन्द: कस्य धर्मस्य प्रचारं कृतवान् ?

उ.  महर्षि दयानन्द: वैधिक: धर्मस्य प्रचारं कृतवान् .

2.  पूर्ण्वाक्य मे उत्तर दीजिए -

क.  महर्षि दयानन्दस्य जन्म कस्मिन् प्रान्ते अभवत् ?

उ.  महर्षि दयानन्दस्य जन्म काठियावाढ प्रान्ते अभवत् .

ख. महर्षि दयानन्द: किं प्रतिज्ञातवान ?

उ.  महर्षि दयानन्द: समाजात अज्ञानस्य अन्धकारम् दुरिकर्तुं  ग्यानन्ञ्च्  प्रकाशयितुं प्रतिज्ञातवान .

ग. वैदिक धर्मस्य प्रचारं कर्तुम्  स: किं कृतवान्  ?

उ.  वैदिक धर्मस्य प्रचारं कर्तुम्  आर्यसमाजम् स्थापितवान् .

घ. स: कस्य शिष्योभवत ?

उ.  स: प्रग्याचक्षुस्वामी विरजानन्द: शिष्योभवत .

ङ  महर्षे: दयानन्दस्य पञ्चग्रन्थानम् नामानि लिखत .

उ.  गोकरुणनिधि: , पञ्चमहायग्यविधि: , स्वमनतव्यामन्तव्य प्रकाश: , ऋग्वेदादि भस्य भूमिका, संस्कार विधि: च .

3.  रिक्त स्थानोन की पूर्ति कीजिए :

क.  बाल्यकाले स: शिवभक्त: आसीत् .

ख. गृहं गत्वा स: सन्यासम् गृहीतवान .

ग.  असौ सर्वप्रथम मुंबई नगरे आर्यसमाजम् स्थापितवान् .

घ.  भारतदेश: सदैव तस्य ऋणी  भविष्यति .

ङ . स: बाल्यकालादेव विरक्तस्वभाव: आसीत् .

4.  निम्नलिखित पदों  मे वचन बदलिए :

पद                                               बहुवचन

अभवत्                                         अभवन्

आसीत्                                          आसन

प्रतिज्ञावान                                    प्रतिज्ञावन्त:

भविष्यति                                      भविष्यत:

कृतवान                                         कृतव:

गृहीतवान                                      गृहीतवन्त:

स्थापितवान्                                  स्थापितवन्त:

5.  उचित मिलान करके वाक्य बनाइए :

(अ)                                                (ब)

स:   बाल्यकालादेव                      विरक्त स्वभाव: आसीत् .

अस्य पितु: नाम                          अम्बाशन्कर: आसीत् .

परं  पश्चात् स:                            निराकारस्य ईश्वरस्य पूजाम् कर्तुं आरभत .

गृहं त्यक्त्वा                                स: सन्यासम् गृहीतवान .

भारतदेश: सदैव तस्य                  ऋणी  भविष्यति .

6.  सही विकल्प के सामने सही का चिह्न लगाइए :

क.  महर्षे: दयानन्दस्य जन्म काथियावद प्रान्ते विप्रस्य गृहे अभवत् .

ख.  असौ सर्वप्रथमं आर्यसमाजम् स्थापितवान् - मुंबई नगरे

ग.  स्वामी दयानन्दो भारते परिभ्रम्य सर्वत्र प्रचारं अकरोत् - वैदिक धर्मस्य .

7.  निम्नलिखित पदों  मे विभक्ति तथा वचन बताइए :

पद                        विभक्ति                    वचन

ईश्वरस्य               षष्ठी                         एकवचन 

पितु:                    षष्ठी                          एकवचन

आर्यसमाजेन्       तृतीया                        एकवचन

गुरुकुलानि         प्रथमा / द्वितीया         बहुवचन

स्वामिना           तृतीया                         एकवचन

महान्                प्रथमा                         एकवचन

बस खतम . :--)))

सबकी दोस्त ,

लक्ष्मी आर।  श्रीनिवासन।  :-)))